दक्षिण भारतीय · नाश्ता
नरम इडली (भाप में पकी चावल की इडली)
इडली चावल और उड़द दाल के खमीर उठे घोल से भाप में बनी नरम, गोल टिकियाँ हैं। ये हल्की होती हैं, पेट पर भारी नहीं पड़तीं और इनमें तेल बिल्कुल नहीं होता, इसीलिए दक्षिण भारत के बहुत से परिवार हफ्ते में कई बार नाश्ते में इडली खाते हैं। एक बार घोल सही बन गया, तो हर बार इडली फूली और स्पंजी बनती है।
- तैयारी20 मिनट
- पकाना30 मिनट
- इंतज़ार15 घंटे
- कितने लोग6
- कुल समय15 घंटे 50 मिनट · प्रति सर्विंग≈270 कैलोरी

सामग्री
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बनाने की विधि
इंतज़ार: भिगोना और खमीर उठाना (15 घंटे)
- चावल और उड़द दाल को अलग-अलग 3–4 बार धो लें। चावल को 4 कप पानी में, और उड़द दाल को मेथी दाने के साथ 2 कप पानी में 5–6 घंटे भिगोएं; आखिरी 30 मिनट के लिए पोहा चावल में डाल दें।
- उड़द दाल का पानी निकालकर उसे मेथी के साथ पीसें, लगभग 1/2 कप ठंडा पानी थोड़ा-थोड़ा डालते हुए, जब तक घोल बहुत चिकना, हल्का और फूला न हो जाए। वेट ग्राइंडर में इसमें 15–20 मिनट और मिक्सर में रुक-रुक कर 4–5 मिनट लगते हैं; इसे एक बड़े बर्तन में निकाल लें।
- चावल और पोहा का पानी निकालकर लगभग 3/4 कप ठंडे पानी के साथ हल्का दरदरा पीसें, बारीक सूजी जैसा। इसे उड़द दाल के घोल वाले बर्तन में डाल दें।
- नमक डालें और साफ हाथ से 1–2 मिनट अच्छी तरह मिलाएं। घोल गाढ़ा हो पर बहने लायक हो।
- बर्तन ढककर 8–12 घंटे किसी गर्म जगह पर रखें, जब तक घोल लगभग दोगुना न हो जाए, उसमें बुलबुले न दिखें और हल्की खट्टी खुशबू न आए।
- घोल को धीरे से चलाएं ताकि हवा न निकले। इडली स्टीमर या प्रेशर कुकर (बिना सीटी के) में 1 1/2 कप पानी डालकर उबाल आने दें।
- इडली के साँचे चिकने करके हर खाने को लगभग 3/4 तक भरें। मध्यम-तेज़ आँच पर 10–12 मिनट भाप में पकाएं, जब तक बीच में डाली टूथपिक साफ न निकले।
- इडली को आँच से हटाकर 2 मिनट रहने दें, फिर गीले चम्मच से निकालें। साँचे फिर से चिकने करें और बाकी घोल की इडली बारी-बारी से बनाएं।
इस व्यंजन के बारे में
इडली पूरे दक्षिण भारत में खाई जाती है और खासकर तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में बहुत पसंद की जाती है, जहाँ यह घरों और छोटे होटलों में रोज़ का खाना है। इसे आमतौर पर सुबह गरमागरम नारियल चटनी और सांभर के साथ परोसा जाता है। बच्चों और बीमारी से उबर रहे लोगों के लिए भी यह आम खाना है, क्योंकि भाप में पका, खमीर उठा घोल आसानी से पच जाता है।
नरम इडली का राज़ उसके घोल में है। उबला चावल (जो इडली चावल के नाम से बिकता है) हल्की बनावट देता है, और साबुत उड़द दाल को हवादार होने तक पीसने से खमीर उठने के दौरान बनी गैस अंदर रुकी रहती है। कुछ लोग और नरमी के लिए मुट्ठी भर मोटा पोहा या पका चावल भी डालते हैं। मशहूर किस्मों में काली मिर्च और जीरे वाली कांचीपुरम इडली, बिना खमीर की रवा इडली, और घी व पोडी में लिपटी छोटी बटन इडली शामिल हैं।
टिप्स
- ठंड के मौसम में घोल को ओवन में सिर्फ लाइट जलाकर रखें, या नमक खमीर उठने के बाद डालें।
- उड़द दाल पीसते समय ठंडा पानी इस्तेमाल करें; गर्म ग्राइंडर से घोल भारी और इडली चपटी बनती है।
- बचा हुआ घोल फ्रिज में 3–4 दिन चलता है और थोड़ा ज़्यादा खट्टा होने पर डोसा या उत्तपम के लिए एकदम सही है।
किसके साथ परोसें
गरमागरम नारियल चटनी, सांभर और तिल के तेल में मिली एक चम्मच इडली पोडी के साथ परोसें।